खून का पहला ट्रांसफर आज से लगभग 350 साल पहले 15 June, 1667 को किया गया था।
खून का पहला ट्रांसफर दो कुत्तों के बिच किया गया था।
मानव के शरीर में खून की मात्रा कुल वजन का 7% है। खून की एक बूंद में 250 मिलियन कोशिकाएं होती हैं।
हमारे शरीर की नसों में खून 400 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ता है।
हमारे शरीर में खून पूरे दिन में लगभग 96,500 km की दूरी तय करता है।
सही समय पर रक्त न मिले तो मजबूरी में नारियल पानी को ब्लड प्लाज्मा की जगह चढ़ाया जा सकता है।
ऐसा एक अमेरिकन फौजी ने जंगल में गुम होने के बाद नारियल पानी को ब्लड प्लाज्मा की जगह चढाया था।
एक नवजात शिशु में केवल 250ml रक्त ही होता है।
एक व्यस्क व्यक्ति में लगभग 5 लीटर खून हो सकता है।
मृत्यू के बाद शरीर का जो अंग धरती के सबसे नजदीक होता हैं खून का बहाव भी उसी तरफ ज्यादा होता हैं।
रक्त बहने के बाद जम जाता हैं, ऐसा पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण के कायण होता है।
रक्त दान केवल गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को नहीं करना चाहिए।
हमारे शरीर में लगभग 2 मिलीग्राम तक सोना होता है और इसकी सबसे आधिक मात्रा केवल हमारे रक्त में ही पाई जाती है।
जापान देश में लोगों के व्यक्तित्व का अंदाजा ब्लड ग्रुप के माध्यम से ही लगा लेते है।
James Harrison, नाम का व्यक्ति पिछले 60 सालों में 1,000 बार खून दान कर चुका है।
James Harrison, के द्वारा दिया गया रक्त लगभग 20 लाख लोगों की जिंदगी बचा चुका है।
पूरी दुनिया में सभी जीव के खून का रंग लाल ही होता है, लेकिन मकड़ी और घोंघा में हल्के नीले रंग का खून पाया जाता है।
हमारे रक्त से ज्यादा महंगी है HP प्रिंटर की काली स्याही।
एक ही समय पर पेशाब करना और रक्त देना असंभ्व है।
हमारी श्वेत रक्त कणिका को देखना बहुत ही आसान है, जैसे कई बार जब हम आसमान की तरफ देखते है तो हमारी आँखो के सामने थोड़े सफेद-सफेद से डॉट्स घूमने लगते है। यही हमारी White Blood Cells होती है।
हर 3 सेकेंड में भारत में किसी न किसी को खून की आवश्यकता होती है।
पूरी दुनिया में प्रत्येक दिन लगभग 40,000 यूनिट खून की जरूरत पड़ती है।
3 में से 1 व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी खून की आवश्यकता पड़ती है।
दुनिया का पहला Blood Bank, 1937 में बनाया गया था।
हमारे शरीर में रक्त का 70% भाग Red Blood Cell के अंदर मौजूद Hemoglobin में, 4% भाग मांसपेशियों के प्रोटीन मायोग्लोबिन में, 25% भाग लीवर, अस्थिमज्जा, प्लीहा व गुर्दे में होता है।
शरीर का बाकि बचा 1% रक्त प्लाजमा के तरल अंश व कोशिकाओं के एंजाइम्स में होता है।
मानव का दिल शरीर से बाहर खून पंप करे तो यह खून को 30 फीट ऊपर उछल सकता है।
मनुष्य का रक्त केवल 4 तरह का होता हैं O, A, B, AB।
गायों में लगभग 800, कुत्तों में 13 औरबिल्लियों में 11 तरह का रक्त समूह पाया जाता हैं।
12 लाख मच्छर एक साथ में एक व्यक्ति के शरीर का पूरा खून चूस सकते है।
मच्छर “O” ग्रुप का खून चूसना पसंद करते है।
केवल मादा मच्छर ही खून चूसती है, और मलेरिया का प्रसार करती है।
मादा मच्छर अपने वजन से 3 गुना ज्यादा खून पी सकती है।
ब्राजील देश में एक आदिवासी समूह बोरोरो है, रोचक बात यह है की इस समूह के सभी लोगो का ब्लड ग्रुप “O” है।
स्वीडिश में जब कोई व्यक्ति रक्त दान करता है, तो उसे “Thank You” का मैसेज किया जाता है।
“Thank You” का मैसेज उस समय भी किया जाता है, जब उसका दान किया हुआ रक्त किसी के काम आता है।
वैज्ञानिक अभी तक कृत्रिम रक्त को नही बना पाऐं है। क्योंकि यह केवल भगवान की देन है।
भारत में नवजात शिशुओं को जन्म देने वाली 51 % महिलाऐं खून की कमी से ग्रस्त होती है। है।
हीमोग्लोबिन की कमी पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होती है। हमारे भारत देश में लगभग 90 % महिलाएं खून की कमी से पीड़ित हैं।
नवजात शिशुओं में खून की कमी उनके व्यावहारिक और बौद्धिक विकास में बाधा डाल सकती है। खून की कमी से प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर हो सकती है।
खून की कमी सीधे तौर पर हमारे जीवन को खतरा नहीं पहुंचाती है , लेकिन ज्यादा रक्तस्राव होने से मृत्यु भी हो सकती है।
हीमोग्लोबिन रक्त में स्थित एक प्रोटीन होता है। इसी प्रोटीन के कारण ही पूरे शरीर में ऑक्सीजन का संचार होता है।
विश्वभर की लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं, और हमारे देश की लगभग 90 प्रतिशत महिलाएं कम हीमोग्लोबिन से पीड़ित हैं।
खून की कमी के कारण जानलेवा रोग पीलिया भी हो जाता है।
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