ब्लैक होल ब्रह्मांड की सबसे रहस्यमयी वस्तुओं में एक है. यह अपने काफी ज्यादा गुरुत्वाकर्षण से प्रकाश को भी फंसाने में सक्षम है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि फिजिक्स व्हाइट होल नाम की किसी चीज के अस्तित्व की भी भविष्यवाणी करती है? ब्लैक होल वैज्ञानिकों द्वारा देखें गए हैं लेकिन व्हाइट होल पूरी तरह से सैद्धांतिक है. वे अल्बर्ट आइंस्टीन के जनरल थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी के गणितीय समाधानों से उभरे हैं और अक्सर उन्हें ब्लैक होल के उलट बताया जाता है.
व्हाइट होल क्या है?
व्हाइट होल एक काल्पनिक ब्रह्मांडीय वस्तु है जो ब्लैक होल के बिल्कुल विपरीत व्यवहार करती है. जबकि एक ब्लैक होल मैटर, ऊर्जा पर प्रकाश को खींचता है ऐसा माना जाता है कि व्हाइट होल लगातार मैटर और ऊर्जा को बाहर की तरफ फेंकता है. फिजिक्स के मुताबिक कोई भी चीज बाहर से व्हाइट हॉल में प्रवेश नहीं कर सकती. इस वजह से यह एक तरफा प्रवेश के बजाय एक तरफा निकास बन जाता है.
क्या है दोनों के बीच अंतर
सबसे बुनियादी अंतर यह है कि वे अपने परिवेश के साथ कैसे बातचीत करते हैं. एक ब्लैक होल एक ब्रह्मांडीय वैक्यूम क्लीनर की तरह काम करता है जो हर चीज को अंदर खींचता है. वहीं दूसरी तरफ व्हाइट होल लगातार मैटर, रेडिएशन और एनर्जी को अंतरिक्ष में धकेलता रहता है.
वैज्ञानिकों ने गुरुत्वाकर्षण प्रभाव के जरिए से ब्लैक होल का पता लगाया है और यहां तक कि उनकी तस्वीर भी खींची है. लेकिन अभी तक कोई भी व्हाइट होल नहीं देखा गया है.
वर्महोल सिद्धांत
मॉडर्न फिजिक्स में सबसे आकर्षक विचारों में से एक यह संभावना है कि ब्लैक होल और व्हाइट होल को जोड़ा जा सकता है. कुछ थियोरेटिकल मॉडल के मुताबिक ब्लैक होल में प्रवेश करने वाला मैटर अंतरिक्ष समय में एक शॉर्टकट के जरिए से यात्रा कर सकता है जिसे वर्महोल के रूप में जाना जाता है और ब्रह्मांड में कहीं और एक व्हाइट होल से निकल सकता है. हालांकि ऐसे वर्महोल के भी फिलहाल कोई सबूत नहीं है.
क्या बिग बैंग से एक व्हाइट होल बन सकता है?
कुछ शोधकर्ताओं ने इससे भी ज्यादा बड़ी संभावनाओं को पेश किया है. ऐसा कहा जाता है कि बिग बैंग के दौरान ब्रह्मांड का जन्म एक बड़े व्हाइट होल के व्यवहार जैसा हो सकता है. इस घटना में भारी मात्रा में मैटर और ऊर्जा अचानक बाहर की तरफ फूट पड़ी जिस वजह से विस्तारित ब्रह्मांड का निर्माण हुआ जिसे आज हम देख रहे हैं.

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